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[योजना] प्रधानमंत्री जनधन योजना।


प्रधानमंत्री जन धन योजना

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत की. इसकी घोषणा उन्होंने 15 अगस्त 2014 को अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में की थी.

- यह एक वित्तीय समावेशन कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम के शुरू होने के पहले दिन ही डेढ़ करोड़ बैंक खाते खोले गए थे और हर खाता धारक को 1,00,000 रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया गया.

- इस योजना के अनुसार कोई भी व्यक्ति जीरो बैलेंस के साथ बैंक खाता खोल सकता है.

- RuPay डेबिट कार्ड की शुरुआत।

[योजना] मेक इन इंडिया।

मेक इन इंडिया

मूल रूप से यह एक नारा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है. इसके तहत भारत में वैश्विक निवेश और विनिर्माण को आकर्षित करने की योजना बनाई गई, जिसे 25 सितंबर 2014 को लॉन्‍च किया गया.

- बाद में आगे चलकर यह एक इंटरनेशनल मार्केटिंग अभियान बन गया. मेक इन इंडिया अभियान इसलिए शुरू किया गया, जिससे भारत में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हों और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले.

- मेक इन इंडिया की कोशिश है कि भारत एक आत्मनिर्भर देश बने. इसका एक उद्देश्य देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देना और घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों की हालत दुरुस्त करना भी है.

- मेक इन इंडिया अभियान पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन है और सरकार ने ऐसे 25 सेक्टरों की पहचान की है, जिनमें ग्‍लोबल लीडर बनने की क्षमता है.
साभार-
Naved Malik

अबतक की सभी पंचवर्षीय योजनाएं और उनमे प्राथमिकता।

भारत में पंचवर्षीय योजना
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• 1 पंचवर्षीय योजना (1951-56) - कृषि की प्राथमिकता

• 2 पंचवर्षीय योजना (1956-61) - उद्योग क्षेत्र की प्राथमिकता

• 3 पंचवर्षीय योजना (1961-66) - स्व रिलायंस

• 4 पंचवर्षीय योजना (1969-74) - न्याय के साथ गरीबी, विकास का हटाया

• 5 वीं पंचवर्षीय योजना (1974-79) - गरीबी और आत्म निर्भरता का हटाया

• 6 पंचवर्षीय योजना (1980-85) - 5 वीं योजना के रूप में में वही जोर दिया

• 7 वीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) - फूड प्रोडक्शन, रोजगार, उत्पादकता

• 8 वीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) - रोजगार सृजन, जनसंख्या का नियंत्रण

• 9 वीं पंचवर्षीय योजना (1997-02) - 7 प्रतिशत की विकास दर

• 10 वीं पंचवर्षीय योजना (2002-07) - स्व रोजगार और संसाधनों और विकास

• 11 वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) - व्यापक और तेजी से विकास

• 12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) - स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता {समग्र विकास} का सुधार।

[योजना] राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना-2016

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना-2016
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1 जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना-2016’ (NDMP) जारी की।देश में पहली बार इस तरह की राष्ट्रीय योजना तैयार की गई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं :-
(i) यह योजना आपदा जोखिम घटाने के लिए सेंडई फ्रेमवर्क में तय किए गए लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के साथ मोटे तौर पर तालमेल करेगा
(ii) इस योजना का विजन भारत को आपदा से उबरने में अधिक सक्षम बनाना है
(iii) प्रत्येक खतरे के लिए, सेंडई फ्रेमवर्क में घोषित चार प्राथमिकताओं को आपदा जोखिम में कमी करने के फ्रेमवर्क में शामिल किया गया है। इसके लिए पांच कार्यक्षेत्र निम्न हैंः
(a) जोखिम को समझना
(b) एजेंसियों के बीच सहयोग
(c) डीआरआर में सहयोग-संरचनात्मक उपाय
(d) डीआरआर में सहयोग-गैर-संरचनात्मक उपाय
(e) क्षमता विकास
(iv) इस योजना के कार्यकारी हिस्से की पहचान 18 बड़े कार्यों के रूप में की गई है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
(a) पूर्व चेतावनी, मानचित्र, उपग्रह इनपुट, सूचना प्रसार।
(b) पशुओं और लोगों की निकासी।
(c) पशुओं और लोगों को ढूंढ़ना और बचाना।
(d) स्वास्थ्य सेवाएं।
(e) पयेजल/निर्जलीकरण पंप/स्वच्छता सुविधाएं/सार्वजनिक स्वास्थ्य।
(f) खाद और आवश्यक आपूर्ति
(g) संचार
(h) आवास और झोपड़ियों
(t) बिजली
(j) ईंधन
(k) परिवहन
(l) राहत रसद और आपूर्ति ऋंखला प्रबंधन
(m) पशु के शवों का निपटान
(n) प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा
(o) पुनर्वास एवं पशुधन और अन्य जानवरों के लिए पशु चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करना
(p) डेटा संग्रह और प्रबंधन
(q) राहत रोजगार
(r) मीडिया संपर्क
(v) 6 क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारें आपदा जोखिम शासन प्रणाली को मजबूत करने के लिए कार्रवाईयां करेंगी।
(a) मुख्यधारा और एकीकृत डीआरआर और संस्थागत सुदृढ़ीकरण
(b) विकास क्षमता
(c) भागीदारीपूर्ण नजरिये को बढ़ावा देना
(d) चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ काम करना।
(e) शिकायत निवारण प्रणाली
(f) आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए गुणवत्ता वाले मानकों, प्रमाणीकरण, आदि को बढ़ावा देना।
(vi) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना आपदा प्रबंधन चक्र के सभी चरणों के लिए सरकारी एजें

[योजना] महात्मा गांधी रोजगार गारेंटी योजना।

मनरेगा
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अपनी शुरुआत के पांच वर्ष पूरा करने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 2 फरवरी, 2006 से यह अधिनियम अस्तित्व में आया था। तब से अब तक लाखों ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार सृजित कर इसने लोगों की जिंदगी में गहरी पैठ बना ली है। देश के 625 से अधिक जिलों में फैला यह कार्यक्रम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। ग्रामीण भारत की उत्पादकता वृद्धि, खरीद क्षमता में वृद्धि, विस्थापन की समस्या में कमी और टिकाऊ संपत्ति के सृजन में इस कार्यक्रम ने योगदान दिया है।

उद्देश्य----------: -इस अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण लोगों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के बेरोजगार, पर अकुशल काम करने के इच्छुक सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों का रोजगार छत्तीसगढ़ में अभी 150 दिनों का रोजगार मुहैया कराया जाता है। जल संरक्षण, सूखे से बचाव, सिंचाई, भूमि विकास, परंपरागत जलस्रोतों का कायाकल्प, बाढ़ नियंत्रण और जलनिकासी के कार्य, गांवों का शहरों से संपर्क निर्माण और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/बीपीएल/इंदिरा आवास योजना के लाभान्वितों/भूसुधार लाभान्वितों/लघु और सीमांत किसानों की जमीनों पर कार्य, इस योजना के तहत किए जाते हैं।

[Scheme] प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (2016)।

=>"प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना "

-०-० गरीब परिवार की महिला सदस्यों को मुफ्त
रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन मुहैया कराने के लिए 8,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत

०-० इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 5 करोड़ परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन देने में 1,600 रुपये प्रति एलपीजी कनेक्शन की वित्तीय मदद दी जाएगी।

=>योजना का लक्ष्य:-
०-० इस योजना का लक्ष्य है गरीबी रेखा से नीचे केपरिवारों को युद्ध-स्तर पर एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराना।

उद्देश्य:-
१. गरीबों को मुफ्त में रसोई गैस का कनेक्शन देना..
२. खाना पकाने के परम्परागत चूल्हों की जगह धुंए रहित रसोई गैस के कनेक्शन देना.
३. ग्रामीण क्षेत्रों तक कनेक्शन उपलब्ध कराना.

०-० भारत की महिलाओं को खाना बनाते समय धुएं से जूझना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रसोई में खुली आग के धुएं में एक घंटे बैठने का मतलब है 400 सिगरेट का धुआं सूंघना। इस समस्या का समाधान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से हो सकेगा।